फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के ग्रुप J में 22 जून 2026 को अर्जेंटीना और ऑस्ट्रिया के बीच खेला गया मुकाबला फुटबॉल इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। अमेरिका के टेक्सास स्थित डलास स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मैच में गत चैंपियन अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को 2-0 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही लियोनेल स्कालोनी (Lionel Scaloni) के नेतृत्व वाली अर्जेंटीना की टीम ने अंतिम 32 (Round of 32) में अपनी जगह पक्की कर ली है। मैच के दोनों गोल अर्जेंटीना के कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी (Lionel Messi) ने दागे, जिसके चलते यह मुकाबला सिर्फ एक जीत से बढ़कर मेस्सी के व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स का जश्न बन गया।
मैच की शुरुआत से ही अर्जेंटीना ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन राल्फ रंगनिक (Ralf Rangnick) के मार्गदर्शन में उतरी ऑस्ट्रियाई टीम ने भी कड़ी टक्कर दी। डेविड अलाबा (David Alaba) और उनके साथी डिफेंडर्स ने शुरुआती मिनटों में मेस्सी को काफी हद तक रोके रखा। 8वें मिनट में ऑस्ट्रिया के खिलाफ एक पेनल्टी मिली, जिसे मेस्सी गोल में तब्दील करने से चूक गए। इसके बावजूद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने अपना मनोबल नहीं गिरने दिया और लगातार हमले जारी रखे। अंततः 38वें मिनट में मेस्सी ने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए थियागो अल्माडा (Thiago Almada) और फाकुंडो मदीना (Facundo Medina) के बेहतरीन पास को गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
मैच का रोमांच और मेस्सी का जादुई प्रदर्शन
दूसरे हाफ में ऑस्ट्रिया ने वापसी करने की कई कोशिशें कीं। ऑस्ट्रियाई मिडफील्डर मार्सेल सबित्ज़र (Marcel Sabitzer), जो अपना 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे थे, ने एक बेहतरीन फ्री-किक ली लेकिन वे गोल करने में नाकाम रहे। ऑस्ट्रिया की रक्षापंक्ति ने कई बार अर्जेंटीना के हमलों को नाकाम किया, विशेष रूप से अलेक्जेंडर श्लेगर (Alexander Schlager) ने गोलपोस्ट पर कुछ शानदार बचाव किए। दूसरी ओर, अर्जेंटीना के लिए निकोलस गोंजालेज (Nicolás González) ने भी बढ़त दोगुनी करने का एक करीबी मौका गंवा दिया।
मैच का सबसे अहम और ऐतिहासिक पल तब आया जब दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम (90+5 मिनट) में लियोनेल मेस्सी ने एक बार फिर अपना जादू बिखेरा। कई ऑस्ट्रियाई डिफेंडर्स से घिरे होने के बावजूद, मेस्सी ने चतुराई से गेंद को नेट में पहुंचा दिया और स्कोर 2-0 कर दिया। यह गोल केवल एक और अंक नहीं था; इस गोल के साथ ही मेस्सी ने विश्व कप इतिहास में जर्मनी के महान खिलाड़ी मिरोस्लाव क्लोस (Miroslav Klose) के 16 गोलों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया और 18 गोल के साथ विश्व कप के सर्वकालिक शीर्ष स्कोरर (All-time Leading Scorer) बन गए। इसके अतिरिक्त, मेस्सी लगातार छह विश्व कप मैचों में गोल करने वाले दुनिया के तीसरे खिलाड़ी (जस्ट फोंटेन और जायरज़िन्हो के बाद) बन गए
नॉकआउट की ओर अर्जेंटीना के कदम और ऑस्ट्रिया का संघर्ष
इस जीत ने अर्जेंटीना के ग्रुप J में दबदबे को स्पष्ट रूप से स्थापित कर दिया है। अपनी पिछली भिड़ंत में अल्जीरिया को 3-0 से हराने के बाद, ऑस्ट्रिया के खिलाफ इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि अर्जेंटीना अपने विश्व कप खिताब को बचाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। टीम का संयोजन, मिडफील्ड में रोड्रिगो डी पॉल (Rodrigo De Paul) और एलेक्सिस मैक एलिस्टर (Alexis Mac Allister) का नियंत्रण और डिफेंस में एमिलियानो मार्टिनेज (Emiliano Martínez) का सुरक्षित खेल, अर्जेंटीना की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। अब अर्जेंटीना को अपना अंतिम ग्रुप मैच जॉर्डन (Jordan) के खिलाफ खेलना है, जो उनके लिए अपनी रणनीतियों को और पैना करने का एक मौका होगा।
वहीं दूसरी ओर, ऑस्ट्रिया के लिए यह मुकाबला निराशाजनक रहा, हालांकि उनके खिलाड़ियों ने अंत तक हार नहीं मानी। ऑस्ट्रिया का संघर्ष इस बात का प्रमाण था कि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है। स्टेफन पोश (Stefan Posch) और कोनराड लेमर (Konrad Laimer) को मैच के दौरान पीले कार्ड भी मिले, जो उनके डिफेंस पर पड़ रहे भारी दबाव को दर्शाता है। अब ऑस्ट्रिया को अपने अगले मैचों में शानदार प्रदर्शन करना होगा ताकि वे टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदों को जीवित रख सकें। कुल मिलाकर, डलास का यह मुकाबला हमेशा मेस्सी के ऐतिहासिक रिकॉर्ड और अर्जेंटीना की उस चैंपियन मानसिकता के लिए याद किया जाएगा, जिसने डिएगो माराडोना के मशहूर ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल की 40वीं सालगिरह को एक यादगार दिन में बदल दिया।

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