हैमिल्टन के सेडन पार्क में खेले गए पांचवें और अंतिम टी20 मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराकर सांत्वना जीत दर्ज की। यद्यपि भारतीय टीम ने यह टी20 सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली है, लेकिन इस अंतिम मुकाबले में मिली हार ने टीम प्रबंधन के एक रणनीतिक फैसले पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हार का सबसे मुख्य कारण युवा और आक्रामक सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना रहा। उनकी गैरमौजूदगी ने भारतीय टीम की उस लय को पूरी तरह तोड़ दिया, जिसने पिछले मैचों में कीवी गेंदबाजों को खौफ में रखा था।
पॉवरप्ले में आक्रामकता की कमी और शीर्ष क्रम का फ्लॉप होना
तीसरे टी20 मैच में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बेखौफ बल्लेबाजी का नजारा पेश करते हुए महज 19 गेंदों में 45 रनों की तूफानी पारी खेली थी। उस मुकाबले में उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर सिर्फ 7.1 ओवर में 133 रन ठोक डाले थे, जिससे 20 रन प्रति ओवर का रन रेट हासिल हुआ था। उनकी यह निडर शैली विपक्ष पर तुरंत मानसिक दबाव डालती है। लेकिन पांचवें मैच में जब उन्हें आराम दिया गया, तो भारतीय पारी की शुरुआत बुरी तरह लड़खड़ा गई। वैभव की जगह ओपनिंग करने आए अनुभवी संजू सैमसन 10 गेंदें खेलकर सिर्फ 4 रन बना सके, जबकि खुद अभिषेक शर्मा भी 2 गेंदों में 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। एडम मिल्ने (4/19) की कसी हुई गेंदबाजी के सामने भारत ने पॉवरप्ले में ही अपना मोमेंटम खो दिया। वह तूफानी शुरुआत जो वैभव टीम को देते थे, उसकी कमी के कारण भारत कभी भी वह विशाल स्कोर बनाने की स्थिति में नहीं आ पाया जिसकी इस सपाट पिच पर सख्त जरूरत थी।

मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव और कीवी टीम का पलटवार
शुरुआती दो बड़े झटकों के बाद पारी को ढहने से बचाने की पूरी जिम्मेदारी इशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर के कंधों पर आ गई। इशान ने 32 गेंदों में 5 छक्कों की मदद से 61 रन और श्रेयस ने 23 गेंदों में 50 रनों की शानदार पारियां खेलकर टीम को 191/8 के सम्मानजनक स्कोर तक तो पहुंचाया, लेकिन वैभव सूर्यवंशी की कमी के चलते अंत के ओवरों में टीम वह अतिरिक्त 20-30 रन नहीं जुटा पाई जो हार और जीत का अंतर तय करते हैं। 192 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। ओस के प्रभाव के बीच टिम सीफर्ट ने 50 गेंदों में 11 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 93 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली, जबकि ग्लेन फिलिप्स 38 गेंदों में 65 रन बनाकर अंत तक नाबाद रहे। भारत के प्रमुख गेंदबाज—अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती और नीतीश कुमार रेड्डी—शुरुआती दबाव बनाने में विफल रहे और न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही 195/3 का स्कोर बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। स्पष्ट तौर पर, फॉर्म में चल रहे वैभव को बाहर बिठाने का खामियाजा भारत को दो मैच हारकर चुकाना पड़ा।

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